जब हम बच्चे थे

Happy Children’s Day

Keep your child heart alive and live your childhood dreams 🙂

A Touch to Unkahi Batein

जब हम बच्चे थे,

हर बात पे मुस्कुराते थे,

चिड़िया उड़ के खेल खेल में हम भी उड़ जाते थे।

दुनिया के रिवाज़ों से परे ,

हर किसी को दोस्त बनाते।

जब हम बच्चे थे

मम्मी की उँगली छुरा कर,

हर बार उनसे आगे भगा करते थे।

बिना किसी बंदिश के हर किसी से मिला करते थे।

लोगों की भिड़ देख कर,

पापा के पीछे छिप जाते थे ।

जब हम बच्चे थे

मुस्कराहट हमारे यार हुआ करते थे और

दादी की उनकी कहानियां हमारी सहेलियां थीं

जब हम बचे थे

आसमान में जा रहे हवाई जहाजों को देख

हाथ हिलाते थे।

आईने में अपना चेहरा देख उसे कोई और बताते थे

दुकान पर जा कर हर बार वही इक टॉफी की मांग करते थे

पापा से हर महीने मिले दस रुपये से उनके लिए तौफे ख़रीदते

जब हम बच्चे थे

जल्दी से बड़े होने की ज़िद किया करते थे

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