I don’t know

Life has its mysterious ways.

Shut my words down from expressing my love from my heart,

when together we were!

Today while alone, and with words, I can express the deepest feelings,

You are gone, far far away, my words unable to reach.

I remember, curious your eyes, to see and listen me speak,

I remember when you said.

I don’t know why I fall for you.

“I don’t know” was your answer to all my questions,

Today while alone, I love her and I understood now,

Why you said “I don’t know”

 

जब हम बच्चे थे

जब हम बच्चे थे,

हर बात पे मुस्कुराते थे,

चिड़िया उड़ के खेल खेल में हम भी उड़ जाते थे।

दुनिया के रिवाज़ों से परे ,

हर किसी को दोस्त बनाते।

जब हम बच्चे थे

मम्मी की उँगली छुरा कर,

हर बार उनसे आगे भगा करते थे।

बिना किसी बंदिश के हर किसी से मिला करते थे।

लोगों की भिड़ देख कर,

 पापा के पीछे छिप जाते थे ।

जब हम बच्चे थे

मुस्कराहट हमारे यार हुआ करते थे और

दादी की उनकी कहानियां हमारी सहेलियां थीं

जब हम बचे थे 

आसमान में जा रहे हवाई जहाजों को देख 

हाथ हिलाते थे।

आईने में अपना चेहरा देख उसे कोई और बताते थे

दुकान पर जा कर हर बार वही इक टॉफी की मांग करते थे

पापा से हर महीने मिले दस रुपये से उनके लिए तौफे ख़रीदते

जब हम बच्चे थे 

जल्दी से बड़े होने की ज़िद किया करते थे

और हर काम पे खुद को जिम्मेदार बताया करते थे

जब हम बच्चे थे 

हम बेफिक्र से जिया करते थे,

अपने दिल की सुना करते थे 

और दिमाग लगाया करते थे।

लोगों क्या सोचेगें इससे परे जिया करते थे,

हम बहुत ज्यादा मुस्कुराया करते थे

और हर मुस्कुराहट के साथ खुशियां बिखरते रहते थे

जब हम बच्चे थे।।